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मंगलवार, 13 जून 2017

गुलबिया और गुलब्बो

कउनौ पूछि बइठा दद्दा जा गुलब्बो कउन रही, पहिले तउ मन मा आई कि रहइ देई न बताई। फिरि मन मा आई कि बतावइ मा कउनउ परेशानी तउ हइ नाइ सो बताये देति हैं। जा गुलब्बो कउन रही साथइ मा गुलबियउ का जानि लेउ फिरि ना पूछेउ कि जा कउन रही।
गुलबिया लैसेंसी गुलब्बो है कट्टा।
गुलबिया है नामे गुलब्बो है पट्टा।
गुलबिया है माथे का चन्दन हमारे।
गुलब्बो तौ हमरे गले का दुपट्टा।।

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