दिन-प्रतिदिन की घटनाओं पर लेखक की बेबाक राय|
भोलापन कमजोरी नहीं होती ये वो ताकत है जिसके कारण व्यक्ति छल छंदों के बीच भी खुद को सुरक्षित पाता है। भोला आदमी हार कर भी सुख पाता है और काइंया हरा कर भी सोचता है मजा नहीं आया थोडा और प्रताड़ित किया होता।