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गुरुवार, 27 अप्रैल 2017

प्यार


😖  😘
है सबके ही भाग्य में, पीर-प्यार का योग।
वक्त वक्त पर रोग है, वक्त वक्त पर भोग।।
सबके कहाँ नसीब में, लिखा हुआ है प्यार।
मुझे नकद मिलता नहीं, उसको मिला उधार।।

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